भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने हनोई में वियतनाम के वरिष्ठ नेताओं के साथ कई उच्च-स्तरीय बैठकें कीं। इन बैठकों में रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग, क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों, तथा भारत और वियतनाम के बीच बहुआयामी संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई।
डोभाल ने वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो के सदस्य, उप-प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री जनरल फान वान गियांग से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने रक्षा क्षेत्र में चल रहे आपसी सहयोग की समीक्षा की और इस क्षेत्र में अपने संबंधों को और गहरा करने पर सहमति जताई।राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो सदस्य और सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री, जनरल लुओंग टैम क्वांग के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की।यह चर्चा दोनों देशों के बीच चल रहे द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग पर केंद्रित थी, जो भारत और वियतनाम के बीच गहरी और आपसी भरोसे वाली सभ्यतागत साझेदारी को दर्शाती है।
दोनों पक्ष सुरक्षा के क्षेत्र में अपने मौजूदा बहुआयामी संबंधों को और मजबूत करने पर सहमत हुए। उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा किए।डोभाल ने वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो सदस्य और विदेश मंत्री, ले होआई ट्रुंग से भी मुलाकात की।इस बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने 2027 में भारत और वियतनाम के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 55वीं वर्षगांठ मनाने के तरीकों पर चर्चा की। बातचीत का मुख्य जोर ‘भारत-वियतनाम उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ की भावना के अनुरूप, इस ऐतिहासिक पड़ाव को चिह्नित करने के लिए विभिन्न गतिविधियों के आयोजन पर था।
हनोई में अपने कार्यक्रमों के तहत, डोभाल ने ऐतिहासिक ‘क्वान सु पगोडा’ (बौद्ध मंदिर) का दौरा किया। वहां उनका स्वागत ‘एग्जीक्यूटिव काउंसिल’ के स्थायी उपाध्यक्ष और पगोडा के मुख्य मठाधीश, ‘मोस्ट वेनेरेबल थिच थान निएउ’ तथा ‘नेशनल वियतनाम बुद्धिस्ट संघ’ के उपाध्यक्ष और महासचिव, ‘मोस्ट वेनेरेबल थिच डुक थिएन’ ने किया।https://x.com/AmbHanoi/status/2117109897355813031/photo/1