अमेरिकी राज्यों के गर्वनरों ने दिवाली समारोह आयोजित किए

न्यूयॉर्क/सिएटल, अमेरिका के पांच प्रशांत उत्तर-पश्चिम क्षेत्रीय राज्यों के गवर्नरों और 20 से अधिक मेयरों ने पहली बार राज्य की राजधानियों और सिटी हॉल में दिवाली उत्सव की मेजबानी की है जहां नेताओं ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय की विविधता और योगदान की सराहना की।

सिएटल में भारत के महावाणिज्य दूतावास ने बृहस्पतिवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि दिवाली समारोह मध्य अक्टूबर में शुरू हुए थे और 10 नवंबर तक जारी रहेंगे जब ओरेगन के गवर्नर सलेम में अंतिम समारोह की मेजबानी करने वाले हैं। इन समारोहों में अमेरिकी सीनेटरों अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के सदस्यों स्थानीय मेयरों और बड़ी संख्या में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के नेताओं ने भाग लिया।

इस क्षेत्र के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व ने अपने-अपने राज्यों की अर्थव्यवस्थाओं में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की भूमिका और योगदान की सराहना की और सांस्कृतिक विविधता के महत्व पर जोर दिया। पिछले महीने इडाहो स्टेट कैपिटल में समारोह को संबोधित करते हुए गवर्नर ब्रैड लिटिल ने कहा कि इडाहो राज्य को एक ‘‘जीवंत भारतीय समुदाय पर गर्व है जो अपने कारोबारों व्यवसायों सेवा और नागरिक भागीदारी के माध्यम से हमारे राज्य में बहुत योगदान देता है। भारतीय अमेरिकी इडाहो की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करते हैं और हमारे समुदायों को रहने काम करने और परिवार के पालन-पोषण के लिए बेहतर जगह बनाने में मदद करते हैं।’.

’ गत 20 अक्टूबर को लिंकन में गवर्नर्स मैंशन में आयोजित दिवाली उत्सव में नेब्रास्का के गवर्नर जिम पिलन ने कहा कि भारतीय समुदाय की प्रशंसा की। नॉर्थ डकोटा के गवर्नर केली आर्मस्ट्रांग ने 29 अक्टूबर को बिस्मार्क में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा ‘‘हमें इन संबंधों का जश्न मनाना चाहिए।’’आर्मस्ट्रांग ने कहा ‘‘विविधता हमारी ताकत है… हम इस रिश्ते को जारी रखने जा रहे हैं क्योंकि यह एक शानदार रिश्ता है।’’

वाशिंगटन राज्य के भीतर ग्रेटर सिएटल क्षेत्र के 22 शहरों में जहां लगभग 2 00 000 भारतीय-अमेरिकी रहते हैं व्यक्तिगत दिवाली समारोह उनके सिटी काउंसिल चैंबर्स के भीतर आयोजित किए गए जिसमें मेयरों ने सभी काउंसिल सदस्यों की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन समारोहों की अध्यक्षता की। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि वाशिंगटन राज्य में राज्य सीनेट ने इस साल फरवरी में एक विधेयक पारित किया जिसमें दिवाली (और बंदी छोड़ दिवस) को राज्य उत्सवों (गैर-कानूनी अवकाश) के रूप में मान्यता दी गई जो इन त्योहारों को आधिकारिक मान्यता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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