पणजी, गोवा सरकार 15 अगस्त से पहले निजी वनों पर अपनी अंतिम रिपोर्ट राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को सौंपेगी। यह घोषणा राज्य सरकार द्वारा योजनाबद्ध विकास और वन संरक्षण उपायों के जरिए पर्यावरणीय दृष्टि से संरक्षित क्षेत्रों का दायरा बढ़ाने के निरंतर प्रयासों के बीच की गई है।
राणे ने कहा ‘‘ गोवा वन विभाग 15 अगस्त से पहले निजी वनों पर अपनी अंतिम रिपोर्ट एनजीटी को सौंप देगा। 15 करोड़ वर्ग मीटर से अधिक भूमि को निजी वन के रूप में अंतिम रूप दिया जाएगा। इससे लगभग 20 वर्षों से लंबित यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और इन वन क्षेत्रों को कानूनी संरक्षण मिल जाएगा।’’
उन्होंने यह भी बताया कि उनके अधीन टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीसीपी) बोर्ड ने सल्सेट तालुका में 1.01 करोड़ वर्ग मीटर से अधिक भूमि को ‘‘विकास निषिद्ध क्षेत्र’’ घोषित किया है।
अधिसूचना के अनुसार एनडीजेड के तहत शामिल किए गए क्षेत्रों में साओ जोसे डी अरेल में 34.36 लाख वर्ग मीटर डिकारपारले में 6.17 लाख वर्ग मीटर कुर्टोरिम में 36.92 लाख वर्ग मीटर बेनाउलिम में 20 450 वर्ग मीटर और मुलेम में 24.22 लाख वर्ग मीटर भूमि शामिल है।
राणे ने कहा ‘‘ यह अधिसूचना पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों को अव्यवस्थित और अनियोजित विकास से बचाने के सरकार के प्रयासों का हिस्सा है।’’
क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common