वायनाड (केरल), कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कहा कि सरकार को भारत के युवाओं और छात्रों के आगे ‘‘झुकने के लिए मजबूर’’ होना पड़ा। वाद्रा ने इस घटनाक्रम को देश के युवाओं और छात्रों की जीत बताया ‘‘जो नहीं झुके।’’ उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा उनके खिलाफ बल प्रयोग किया गया। उन पर पैलेट गन पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। लेकिन युवा और छात्र नहीं झुके सरकार को झुकना पड़ा। यह भारत के युवाओं और छात्रों की जीत है।
उन्होंने कहा जब मैंने यह खबर सुनी तो मैं वास्तव में बहुत खुश हुई।
वाद्रा ने कहा कि वह भावुक हो गईं क्योंकि पिछले 10-12 वर्षों से वह सोच रही थीं ‘‘हम कब जागेंगे हमारे युवा कब समझेंगे कि हमारे देश के साथ क्या किया जा रहा है और ये लोग इसे किस तरह बर्बाद कर रहे हैं ’’
उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा आज मैं बहुत खुश हूं कि भारत के युवाओं और छात्रों ने यह लड़ाई बहादुरी से लड़ी और जीत हासिल की है।
कांग्रेस सांसद वाद्रा ने कहा कि देश के छात्रों ने अब मामलों को अपने हाथ में लेना शुरू कर दिया है और साबित कर दिया है कि अगर आप सही के लिए खड़े होते हैं तो हर सही सोच रखने वाला भारतीय संविधान में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति और स्वतंत्रता संग्राम का सम्मान करने वाला हर व्यक्ति आपके साथ खड़ा होगा।
उन्होंने कहा कि छात्रों ने यह भी दिखाया है कि महात्मा गांधी की तरह तमाम मुश्किलों के बावजूद अगर कोई अहिंसक तरीके से सच्चाई के साथ और दिल में साहस रखकर खड़ा होता है तो वह सफल होगा चाहे सामने कोई भी हो।
वाद्रा ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) समेत विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में उनके भाई राहुल गांधी कांग्रेस और उसके युवा संगठन के नेतृत्व में चले आंदोलन के साथ खड़े सभी लोगों की सराहना की।
वाद्रा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा भारत के युवाओं ने उन लोगों से अपना देश वापस लेना शुरू कर दिया है जिन्होंने उनकी आवाज दबाने की कोशिश की… आज का दिन उस अलोकतांत्रिक और दमनकारी सरकार की हार का दिन है जिसे भारत के लोगों की इच्छा के आगे झुकने के लिए मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने कहा उन सभी लड़के-लड़कियों से कहना चाहती हूं जो सही के लिए अडिग खड़े हैं कभी अपनी भावना को दबने मत देना। आप हमारे खूबसूरत देश की आत्मा हैं। हमेशा मजबूत और साहसी बने रहें।
नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद को लेकर धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का मामला नहीं है।
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