भारत-फ़िजी द्विपक्षीय संयुक्त कार्य समूह (JWG) की दूसरी बैठक 28 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित की गई। दोनों देशों ने आपसी हित के कई क्षेत्रों पर चर्चा की, जिनमें सैन्य प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण, सेनाओं के बीच आपसी जुड़ाव, समुद्री सुरक्षा, साइबर प्रशिक्षण, रक्षा उद्योग में सहयोग और भारत व फ़िजी की सशस्त्र सेनाओं के बीच बेहतर संस्थागत सहयोग शामिल हैं।भारत ने एक स्वतंत्र, खुले, समावेशी और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के अपने विज़न में फ़िजी और प्रशांत द्वीप देशों को दिए जाने वाले महत्व को दोहराया। दोनों पक्षों ने बढ़ते द्विपक्षीय रक्षा सहयोग पर संतोष व्यक्त किया और आपसी लाभ वाले क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
इस बैठक की सह-अध्यक्षता रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव (अंतर्राष्ट्रीय सहयोग) अमिताभ प्रसाद और फ़िजी के रक्षा और पूर्व सैनिक मामलों के स्थायी सचिव मेसन स्मिथ ने की। स्मिथ ने दूसरी भारत-फ़िजी द्विपक्षीय संयुक्त कार्य समूह की बैठक के दौरान रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह से भी मुलाकात की। चर्चा द्विपक्षीय रक्षा और समुद्री सहयोग को मजबूत करने पर केंद्रित थी, जिसमें रक्षा उद्योग में बेहतर सहयोग के अवसर भी शामिल थे।विशेष सैन्य प्रशिक्षण सहयोग को बढ़ाने के प्रयासों के तहत, फ़िजी का प्रतिनिधिमंडल 29-30 सितंबर, 2026 को कोच्चि का दौरा करेगा। प्रतिनिधिमंडल उन्नत नौसैनिक प्रशिक्षण सहयोग और पेशेवर विमानन प्रशिक्षण मॉड्यूल को औपचारिक रूप देने के लिए दक्षिणी नौसेना कमान में सुविधाओं का निरीक्षण करेगा, जिससे दोनों समुद्री बलों के बीच तकनीकी दक्षता और परिचालन तालमेल बढ़ेगा।
आधिकारिक द्विपक्षीय वार्ता शुरू होने से पहले, स्मिथ ने नई दिल्ली के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर भारत के शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। फ़िजी के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर स्थित DPSU भवन का भी दौरा किया, जहाँ उन्हें भारत की स्वदेशी रक्षा विनिर्माण क्षमताओं के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरे में ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत हुई प्रगति को उजागर किया गया, जिसमें प्रदर्शनी और उन्नत ऑगमेंटेड (Augmented) तकनीक पर ध्यान केंद्रित किया गया। ऑगमेंटेड रियलिटी/वर्चुअल रियलिटी (AR/VR) सिमुलेशन सुविधाएँ जो असल दुनिया के युद्धक्षेत्र के हालात को हूबहू दिखाती हैं।भारत और फ़िजी के बीच करीबी और दोस्ताना रिश्ते हैं, जो ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच आपसी संबंधों पर आधारित हैं। इस बैठक से मौजूदा रक्षा साझेदारी को मज़बूत करने और सहयोग के नए रास्ते खोजने का मौका मिला। दोनों पक्ष नियमित बातचीत जारी रखने और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और गहरा करने की दिशा में काम करने पर सहमत हुए।https://x.com/SpokespersonMoD/status/2104537590930227504/photo/1