रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 28 से 29 अक्टूबर, 2026 तक फिलीपींस के सेबू में आयोजित होने वाली 13वीं ‘एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशंस’ (ASEAN) रक्षा मंत्रियों की बैठक (ADMM-प्लस) में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। वे इस मंच पर ‘क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान’ विषय पर अपनी बात रखेंगे।
ADMM-प्लस के दौरान, रक्षा मंत्री इसमें शामिल होने वाले अन्य देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। वे इन देशों के साथ चल रहे रक्षा संबंधों की समीक्षा करेंगे और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे।
ADMM, आसियान (ASEAN) में रक्षा संबंधी परामर्श और सहयोग का सर्वोच्च तंत्र है। ADMM-प्लस एक ऐसा मंच है, जहां आसियान के सदस्य देश (ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओ PDR, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर-लेस्ते और वियतनाम) और इसके आठ संवाद साझेदार (भारत, अमेरिका, चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड) सुरक्षा और रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए एक साथ आते हैं। भारत 1992 में आसियान (ASEAN) का संवाद भागीदार बना और 12 अक्टूबर 2010 को वियतनाम के हनोई में पहली ADMM-प्लस बैठक आयोजित की गई। 2017 से, आसियान और ‘प्लस’ देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए ADMM-प्लस के मंत्री हर साल बैठक कर रहे हैं।
2026 के लिए फिलीपींस ADMM-प्लस की अध्यक्षता कर रहा है। ADMM-प्लस के ढांचे के तहत, भारत 2024-2027 की अवधि के लिए मलेशिया के साथ मिलकर ‘आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञ कार्य समूह’ (Experts Working Group on Counter-Terrorism) की सह-अध्यक्षता कर रहा है। ADMM-प्लस तंत्र में भारत की सक्रिय भागीदारी ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ (Act East Policy) के तहत दक्षिण-पूर्व एशिया में गहरी होती रक्षा कूटनीति को दर्शाती है, जिसका उद्देश्य इस क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सामूहिक विकास सुनिश्चित करना है।