हिमाचल प्रदेश: देवी-देवताओं के नजराने एवं बजंतरियों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा

शिमला, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को देवी-देवताओं को दिए जाने वाले नजराने में पांच प्रतिशत और बजंतरियों के मानदेय में 10 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा की।अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा 2026 के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने प्रत्येक देवता के ‘मुख्य गुर’ के लिए 1,100 रुपये मानदेय देने की भी घोषणा की।

हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार, गुर स्थानीय देवता के आधिकारिक मानवीय माध्यम या प्रवक्ता होते हैं। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा जैसे त्योहारों के दौरान प्रत्येक देवता के ‘मुख्य गुर’ देवताओं से संवाद करते हैं और उनकी इच्छाओं को लोगों तक पहुंचाते हैं।कुल्लू दशहरा एक सप्ताह तक चलने वाला अंतरराष्ट्रीय उत्सव है, जो अन्य जगहों पर दशहरा समाप्त होने के बाद शुरू होता है।

इस दौरान क्षेत्र के 250 से 300 गांवों के देवता कुल्लू के ढालपुर मैदान में मुख्य देवता भगवान रघुनाथ के दर्शन के लिए एकत्र होते हैं।बजंतरी पारंपरिक रूप से उन संगीतकारों और लोक वाद्ययंत्र बजाने वालों को कहा जाता है जो शादियों, मंदिरों के अनुष्ठानों और त्योहारों की शोभायात्रा में संगीत बजाते हैं।मुख्यमंत्री ने साथ ही कुल्लू जिले के लेफ्ट बैंक क्षेत्र को जोड़ने के लिए पांच करोड़ रुपये देने की घोषणा की।

उन्होंने मणिकर्ण सड़क के निर्माण के लिए अतिरिक्त पांच करोड़ रुपये, भुंतर में सीवरेज प्रणाली बनाने के लिए 22 करोड़ रुपये और भुंतर में बिजली उपमंडल खोलने की भी घोषणा की।उन्होंने दशहरा उत्सव में भाग लेने वाले प्रत्येक महिला मंडल को 35,000 रुपये मानदेय देने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने बजौरा स्कूल में विज्ञान खंड के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये भी मंजूर किए।मुख्यमंत्री ने कुल्लू महोत्सव को भी हरी झंडी दिखाई, जिसमें 600 से अधिक महिलाओं और कलाकारों ने भाग लिया।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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